हमारी जन्म कुंडली में कैसा भी दुर्योग हो , कुयोग हो, मारकेश हो ,काल सर्प हो या अन्य कुछ
उन सभी का अचूक समाधान है नागपंचमी के दिन पूर्ण विधि विधान से रुद्राभिषेक का किया जाना ।
वस्तुतः ज्योतिषियों ने आज के समाज में एक अलग ही भय का वातावरण बना दिया है , कोई किसी कालसर्प से पीड़ित है तो कोई पित्र दोष से, तो कोई आने वाले कुछ महीनों में भयंकर दुर्घटना होगी ,ऐसी भविष्यवाणियों से पीड़ित है।
उन सभी को एक मात्र शिव की शरण में जाना चाहिए ।
आप पर कोई बड़ा या छोटा तंत्र मंत्र का प्रयोग ही क्यों न किया गया हो
अथवा किसी भी वांछित कार्य के मध्य निरंतर आने वाली बाधाओं के लिए भी
श्रावण नागपंचमी को रुद्राभिषेक को सम्पन्न करना चाहिए।
श्रेष्ठ होगा अगर अभिषेक तक निराहार निराजल रहें अपने सामर्थ्यानुसार और मध्याह्न तक सम्पन्न कर लें।
ॐ नमः शिवाय